October 19, 2020

महामारी के चलते ओलंपिक की तैयारी!

महामारी_के चलते ओलंपिक की तैयारी!

महामारी_के चलते ओलंपिक की तैयारी!

क्लीन बोल्ड/ राजेंद्र सजवान

खेल मानव सभ्यता के इतिहास के साथ ही प्रत्येक मनुष्य  के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।  खेलों को प्रतियोगिता और  प्रतिस्पर्धा के रूप में अपनाने और विकसित करने का नतीजा ओलंपिक खेल हैं, जोकि दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित खेल आयोजन है। आज ओलंपिक आयोजन हर खिलाड़ी और देश के लिए मान सम्मान, आगे, और आगे और सबसे आगे बढ़ने की प्रेरणा बन चुका है।

Tokyo Olympic 2020

 कोविड 19 ने दुनियाभर के खिलाड़ियों, खेल आयोजनों  और अंतरराष्ट्रीय एवम् राष्ट्रीय खेल इकाइयों पर बेहद बुरा असर डाला है और टोक्यो ओलंपिक का स्थगन खेल इतिहास की सबसे दुखद घटना कही जा सकती है। लेकिन अगले साल आयोजित होने वाले दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले के आयोजन के लिए मेजबान जापान ने फिर से कमर कस ली है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और उसके सदस्य देशों ने भी महामारी को पलट जवाब देने का मन बना लिया है। अधिकांश इस सच्चाई के साथ मैदान में उतर गए हैं कि उन्हें कोरोना के साथ जीना है और ओलंपिक आंदोलन को और गतिमान बनाना है। 

तारीफ की बात यह है क़ि अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, कोरिया और तमाम अग्रणी देशों के साथ साथ अन्य देश भी तैयारियों में जुट गए हैं। हालाँकि, भारतीय खेल मंत्रालय और भारतीय ओलम्पिक समिति भी ओलंपिक खेलों के लिए गंभीर हैं और कुछ खेलों ने बाक़ायदा ज़ोर शोर से तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन कोरोना है कि मानता नहीं|

खेलों के लिए नौ महीने से भी कम समय बचा है। ओलंपिक का टिकट पा चुके भारतीय खिलाड़ी और अन्य संभावित यदि यह सोच रहे हैं कि हमेशा की तरह इस बार भी बहानेबाज़ी से काम चला लेंगे तो वे ग़लत सोच रहे हैं। यह ना भूलें कि महामारी ने सभी देशों और खेलों को प्रभावित किया है अतः बेहतर यह होगा कि भारतीय खिलाड़ी आज और अभी से पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित करें। साथ ही खेल मंत्रालय, ओलंपिक संघ, खेल संघ, कोच, खिलाड़ी और अन्य ज़िम्मेदार लोग खोखले दावे करना छोड़ धरातल पर उतर आएँ। कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई ओलंपिक पदकों से ही हो सकती है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *